An electronics engineer who never regretted her branch. Sabita Kumari

Free Bird Self dependent

Amateur writer having experience of independent life. An electronics engineer who never regretted her branch.

A Poem About me

बिन पंखो के उड़ती है वो, गगन को चूमती है.

बंधनों से परे, अपने ही धुन पे झूमती है.

उसकी सोच भी आज़ाद है, उसके काम भी आज़ाद है.

हर रूप में आज़ाद है, हर रंग में आज़ाद है.

हर काम में स्वाभिमान है, बड़े आत्मसम्मान है.

हर भेद का ज्ञान है, उचित का सम्मान है.

सही मायनो में वो स्वतंत्र है.